दिल का क्या कुसूर-7
उन्होंने अपने हाथ से मेरी ठोड़ी को पकड़ कर ऊपर किया…
शालिनी ने जो चाहा वो पाया-2
नहाते समय उसने जो कुछ देखा, महसूस किया और उसके बा…
सोनल मैडम और उसकी सहेली रश्मि-2
रश्मि मुझे रोकते हुए- अरे मेरे राजा ऐसे नहीं, पहले…
दिल का क्या कुसूर-3
दोनों लड़कियाँ आपस में एक दूसरे से अपनी योनि रगड़ र…
बदतमीज़ की बदतमीज़ी : हरिगीतिका छन्द में
फैली सुहानी चाँदनी हर, वृक्ष के पत्ते हिलें। सूखे प…
करन की सीमा
नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम करन है। मैंने अन्तर्वासना पर…
शालिनी ने जो चाहा वो पाया-1
दरअसल अन्तर्वासना की वजह से सेक्स, उत्तेजना और कामुकत…
सपनों से हकीकत का सफर
नमस्कार मित्रो, लम्बे अंतराल के बाद मैं फिर आप सभी क…
आज कुछ तूफानी करते हैं !
श्रेया आहूजा का आप सभी को सलाम ! यह आपबीती है मेरे…
दिल का क्या कुसूर-9
मुझे लगा कि इस बार मैं पहले शहीद हो गई हूँ। अरूण …